#Metoo के ज़रिए जहां लड़कियां अपने अतीत के भयावह अनुभव साझा कर रही हैं. वहीं ऐसा करते हुए उन्हें कटघरे में भी खड़ा किया जा रहा है. यह पूछा जा रहा है कि तब क्यों नहीं बोली. लेकिन क्या तब बोलना या कभी भी बोलना इतना आसान होता है.from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2EfDSyY

No comments:
Post a Comment